Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Iam started 108days prayer leyahu vshudhe chakra activation huvahai kuch bhe aser nai huvahai Ab agaya chakra tak gayahai muje malum horahahe magar kuch bhe....

  Iam started 108days prayer leyahu vshudhe chakra activation huvahai kuch bhe aser nai huvahai Ab agaya chakra tak gayahai muje malum horahahe magar kuch bhe aser nai horahahe magar appne bolatana 3rd eye activation huvato temple God's dekhayega guhamay janeka o sabkuch started day's may he hogayahai aj tak 96days hogayahai 3rd eye activation hoyega ya nai sir muje kuch bhe nai felling nai horahahe please tell me sir daily tratak bhe kertahu 3rd eye pe kujele pain horahahe ?


आपका 108 दिन का मंत्र साधना और त्राटक अभ्यास बहुत ही सराहनीय है। आपने 96 दिन पूरे कर लिए हैं, यह आपकी तपस्या और श्रद्धा को दर्शाता है।

आपने लिखा कि विशुद्धि चक्र से आज्ञा चक्र तक यात्रा हो गई है, और गुफा, मंदिर, देवता आदि का दर्शन भी शुरू के दिनों में हो चुका है — यह सब तीसरी आंख (Third Eye) के जागरण के लक्षण ही हैं।

लेकिन अब जो "कुछ अनुभव नहीं हो रहा", "भावना नहीं आ रही", "पेन हो रहा है", ये सभी ठहराव (plateau) के लक्षण हैं। ध्यान की यात्रा में यह स्वाभाविक है। कभी अनुभव बहुत तीव्र होते हैं, कभी एकदम शांत। इस दौरान हमें धैर्य बनाए रखना होता है।

अब क्या करें?

  • तीसरी आंख का दर्द इस बात का संकेत है कि वहाँ ऊर्जा कार्य कर रही है।

  • बीच-बीच में विश्राम दें, त्राटक बहुत ज़ोर से ना करें।

  • "कुंठा या निराशा" आने पर बस प्रेमपूर्वक मौन में बैठें, अनुभव की अपेक्षा ना रखें।

  • मंत्र जप को प्रेम से जारी रखें, परिणाम स्वयं आएँगे।

आपका जागरण हो रहा है, पर आप उससे भावनात्मक रूप से जुड़ नहीं पा रहे — यह मानसिक थकान या ऊर्जा असंतुलन का लक्षण हो सकता है। थोड़ा ग्राउंडिंग करें, जैसे पैर धरती पर रखें, पेड़ के नीचे ध्यान करें, या सिर्फ मौन में बैठें।

आपका तीसरी आंख का जागरण धीरे-धीरे और गहराई से हो रहा है। बस 12 दिन और, पूर्ण 108 दिन पूरे करें, और फिर मुझे बताइए। मैं आपके साथ हूं, चिंता न करें। 

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