guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

kiya 2 baje naha kar jaap kiya jaye ya wina nahaye ?

 kiya 2 baje naha kar jaap kiya jaye ya  wina nahaye ?


बेटी, ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 3 से 6 बजे के बीच) जप और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय होता है, लेकिन यदि आप 2 बजे उठती हैं, तो नहाना उत्तम माना जाता है। स्नान से शरीर शुद्ध होता है और मन भी तरोताज़ा होता है, जिससे जप में एकाग्रता बढ़ती है। लेकिन यदि स्वास्थ्य कारणों या ठंड के कारण स्नान संभव न हो, तो हाथ-मुँह धोकर, पैर धोकर, स्वच्छ वस्त्र पहनकर भी श्रद्धा से जप किया जा सकता है।
भाव और भक्ति सबसे महत्वपूर्ण हैं।
अगर मन पवित्र है, तो परमात्मा बिना नहाए किए जप को भी स्वीकार करते हैं।

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