kiya 2 baje naha kar jaap kiya jaye ya wina nahaye ?

 kiya 2 baje naha kar jaap kiya jaye ya  wina nahaye ?


बेटी, ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 3 से 6 बजे के बीच) जप और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय होता है, लेकिन यदि आप 2 बजे उठती हैं, तो नहाना उत्तम माना जाता है। स्नान से शरीर शुद्ध होता है और मन भी तरोताज़ा होता है, जिससे जप में एकाग्रता बढ़ती है। लेकिन यदि स्वास्थ्य कारणों या ठंड के कारण स्नान संभव न हो, तो हाथ-मुँह धोकर, पैर धोकर, स्वच्छ वस्त्र पहनकर भी श्रद्धा से जप किया जा सकता है।
भाव और भक्ति सबसे महत्वपूर्ण हैं।
अगर मन पवित्र है, तो परमात्मा बिना नहाए किए जप को भी स्वीकार करते हैं।

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