guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Kya grahsth jeevan me adhyatmik yatra continue rakh skte hai kripya btaiye ?

 Kya grahsth jeevan me adhyatmik yatra continue rakh skte hai kripya btaiye ?


जी हाँ, ग्रहस्थ जीवन में भी आध्यात्मिक यात्रा पूरी तरह संभव है। वास्तव में, यही सच्ची साधना की परीक्षा है — सांसारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए भीतर परमात्मा से जुड़ना। तुलसीदास, कबीर, मीरा, और अन्य कई संतों ने गृहस्थ होकर भी उच्चतम आध्यात्मिक उपलब्धियाँ प्राप्त कीं। जरूरी है कि दिनचर्या में समय निकालकर ध्यान, जप, स्वाध्याय और सत्संग को स्थान दें। सेवा, प्रेम, और त्याग का भाव रखें। मन को संसार में रहते हुए भी भीतर की यात्रा की ओर मोड़ें। परमात्मा केवल जंगलों में नहीं, वह आपके हृदय में है — बस श्रद्धा और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता है।

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