guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Please btaao k anhadd naad pet ki avaaj mtlb pet mai sunaayee deta hai yaa kaano mai ?

 Please btaao k anhadd naad pet ki avaaj mtlb pet mai sunaayee deta hai yaa kaano mai ?


अनहद नाद (अनाहत नाद) एक दिव्य, आंतरिक ध्वनि है जो बिना किसी बाहरी स्रोत के सुनाई देती है। यह ध्वनि अधिकतर कानों में या सिर के भीतर अनुभव होती है, जैसे घंटी, शंख, बांसुरी, या ओंकार की ध्वनि। यदि कोई ध्वनि पेट में सुनाई देती है, तो वह अक्सर पाचन प्रक्रिया, गैस, या शरीर की आंतरिक हलचल होती है, न कि अनहद नाद। अनहद नाद सूक्ष्म शरीर में जागृति का संकेत है और यह साधना की गहराई से आता है। इसलिए ध्यान दें कि ध्वनि कहां और कैसी महसूस हो रही है—वह आत्मिक है या शारीरिक।

Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

Main mantra jaap karti hu. Mere sir ke andar beecho beech dhadkan hoti hai ...........