guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Pujapaath, dhyan karte to hai..lakin kamar me bohot dard hota ..continues..kya karna chahiye ?.. Aur heart chakra k poin pr bhi dard hota aahe aur peeth pr ?

 Pujapaath, dhyan karte to hai..lakin kamar me bohot dard hota ..continues..kya karna chahiye ?.. Aur heart chakra k poin pr bhi dard hota aahe aur peeth pr ?


ध्यान और पूजा-पाठ के दौरान कमर, हृदय चक्र और पीठ में दर्द होना ऊर्जा के प्रवाह और शारीरिक मुद्रा से जुड़ा हो सकता है।

समाधान:

  1. सही मुद्रा अपनाएं – पीठ को पूरी तरह सीधा न रखें, हल्का आरामदायक झुकाव रखें।

  2. सपोर्ट लें – ध्यान में कुशन या दीवार का सहारा लें।

  3. मूलाधार को मजबूत करें – नंगे पैर चलें और जड़ वाली चीज़ें खाएं।

  4. हल्के योगासन करें – भुजंगासन, वज्रासन और पीठ को स्ट्रेच करने वाले अभ्यास करें।

  5. प्राणायाम करें – अनुलोम-विलोम और भ्रस्त्रिका करें।

  6. ध्यान के बाद विश्राम करें – ध्यान के तुरंत बाद आराम दें।

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