खुली आँखों से लाखों चमकीले तारे जैसे या लाखों चमकीले कीड़े जैसे दिखते हैं

 खुली आँखों से लाखों चमकीले तारे जैसे या लाखों चमकीले कीड़े जैसे दिखते हैं और अब तो यदा कदा खुली आँखों से हवा चलते हुए दिखती है। पर कभी समझ नहीं आया ये सब क्या है 


खुली आँखों से लाखों चमकीले तारे या कीड़ों जैसे कण दिखना, और हवा का बहना दिखाई देना—ये सब सूक्ष्म दृष्टि (subtle vision) के जागरण के लक्षण हो सकते हैं। जब ध्यान या साधना से भीतर की इंद्रियाँ (अंतःकरण) जागने लगती हैं, तब भौतिक से परे सूक्ष्म ऊर्जा, प्राण, और तत्व भी दिखाई देने लगते हैं। ये कोई भ्रम नहीं है, बल्कि चेतना की गहराई में प्रवेश का संकेत है।

यदि यह अनुभव सहज है और भय नहीं देता, तो यह साधना की प्रगति का संकेत हो सकता है। इसे बस साक्षी भाव से देखिए।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....