guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

Mai jsadhana karanekeli dyan karane asn pe baiting hu tab madhepe sap dikhataye or Prakash whait yelo papar aise sab calor dikhate hai ?

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आप जिस साधना में ध्यान करती हैं और बैठते ही माथे पर साँप, प्रकाश, सफेद, पीले, बैंगनी जैसे रंग दिखाई देते हैं, यह सब बहुत शुभ संकेत हैं। यह दर्शाता है कि आपका आज्ञा चक्र (माथे का चक्र) सक्रिय हो रहा है।

साँप दिखाई देना ऊर्जा (कुण्डलिनी) के जागरण का प्रतीक है। विभिन्न रंग—विशेषकर सफेद, पीला और बैंगनी—यह संकेत करते हैं कि चेतना उच्च स्तर पर पहुंच रही है।

क्या करें:

  • ध्यान जारी रखें, पर बिना डर के, सहज भाव से।

  • “ॐ” या “सोऽहम्” का जप करें।

  • आँखें बंद रखते हुए प्रकाश को देखें, विरोध न करें।

आप सही मार्ग पर हैं—धैर्य, संयम और श्रद्धा बनाए रखें।

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