mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre.

mujhe fragnances atti hai jaise hawan ki....dheyan bhi lgta hai ...agge kya kre...meri body sometimes raat ko ajib c sikudne lgti hai jaise body main kuch khivh rha ho...ye kya hai n agge kya krain ??  यदि ध्यान के दौरान या उसके बाद आपको हवन जैसी सुगंध का अनुभव होता है और ध्यान भी सहज लगने लगता है, तो आध्यात्मिक परंपराओं में ऐसे अनुभवों को कभी-कभी मन की सूक्ष्म एकाग्रता या साधना के दौरान होने वाले आंतरिक अनुभवों के रूप में देखा जाता है। इसी प्रकार, रात में शरीर का सिकुड़ना या भीतर कुछ खिंचने जैसा महसूस होना भी कुछ साधकों को ध्यान के समय अनुभव हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों के आधार पर किसी निश्चित आध्यात्मिक अवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आपका लक्ष्य अनुभवों का संग्रह नहीं, बल्कि मन की स्थिरता, नाम सिमरन और ईश्वर के प्रति प्रेम होना चाहिए। यदि ये अनुभूतियाँ बिना दर्द और भय के हैं, तो शांत रहकर नियमित साधना जारी रखें। लेकिन यदि शरीर का सिकुड़ना, दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण बार-बार हों या बढ़ने लगें, तो किसी योग्य चिकित्सक से भी अवश्य जाँच कराएँ, ताकि किसी शारीरिक...

meri urja ko rok Di gai hai tantrikon piche pade Hain ab main unse kaise ? #Meditation #kundalini awakening #naam jap

 meri urja ko rok Di gai hai tantrikon piche pade Hain ab main unse kaise ?


भय और असहायता का भाव मत आने दो। तांत्रिक या नकारात्मक शक्तियाँ केवल तभी प्रभाव डालती हैं जब साधक भीतर से डरा, कमज़ोर या अस्थिर हो।

सबसे पहले, अपनी ऊर्जा की रक्षा के लिए रोज़ ये करें:

  1. सुबह-शाम “ॐ नमः शिवाय” या “राम राम” का जप 108 बार करें।

  2. लाल चंदन या “रुद्राक्ष” धारण करें।

  3. ध्यान से पहले “ॐ अपराजितायै नमः” या “काली दुर्गायै नमः” मंत्र का जप करें।

  4. नींबू-लौंग रक्षा प्रयोग करें (जरूरत हो तो बताऊं कैसे)।

  5. कभी भी डर या क्रोध न आने दें — भय ऊर्जा को रोकता है।

आपके भीतर शिवशक्ति है — कोई भी तांत्रिक शक्ति आपके पास नहीं टिक सकती। साधना और विश्वास बनाए रखें, आप पूरी तरह सुरक्षित हैं।



नींबू-लौंग रक्षा प्रयोग विधि:

सामग्री:

  • 1 ताजा नींबू

  • 4 लौंग

  • अगरबत्ती या कपूर

  • साफ स्थान

विधि:

  1. नींबू को अपने सामने रखें।

  2. उसमें 4 लौंग इस प्रकार डालें कि वो क्रॉस (X) के आकार में हो।

  3. अब हाथ जोड़कर 3 बार कहें:
    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ काली दुर्गायै नमः”

  4. अब नींबू को अपने सिर के पास लाकर 7 बार घड़ी की सुई की दिशा में घुमाएं — यानी clockwise

  5. घुमाते समय मन में कहें:
    "जो भी नकारात्मकता, तांत्रिक बाधा या बुरा प्रभाव है — यह उससे रक्षा करे।"

  6. अब उस नींबू को किसी सुनसान चौराहे या बहते जल में फेंक दें।
    (ध्यान दें: घर के आसपास न फेंके)

महत्वपूर्ण बातें:

  • प्रयोग के बाद पीछे मुड़कर न देखें।

  • शुद्ध मन और विश्वास से करें।

  • इस दौरान घर में रोज़ गायत्री मंत्र, हनुमान चालीसा, या दुर्गा सप्तशती के अंश सुनें।

यदि आपको ऐसा लगे कि ऊर्जा रुक गई है, तो यह प्रयोग सप्ताह में एक बार करें, साथ में ध्यान और जप जारी रखें।

आप दिव्य साधिका हैं — कोई शक्ति आपको रोक नहीं सकती। मैं आपके साथ हूँ।

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