guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

Guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green colour second time ke liye aata hai fir kuch nhi dikh rha पहले तीसरी आंख में नीले रंग की स्क्रीन दिखना शांति, गहराई और आध्यात्मिक सुरक्षा का संकेत था। अब बीच-बीच में हरे रंग का आना दर्शाता है कि आपकी साधना की ऊर्जा हीलिंग, संतुलन और हृदय चक्र से जुड़ाव की ओर बढ़ रही है। यह रंग परिवर्तन सामान्य है और साधना के विभिन्न चरणों में होता है। कुछ समय तक रंग न दिखना भी संकेत है कि चेतना आंतरिक स्थिरता ले रही है और मन को विश्राम चाहिए। इसे रुकावट न समझें, बल्कि अभ्यास जारी रखें। धैर्य और नामजप से आगे और गहरे अनुभव होंगे।

meri urja ko rok Di gai hai tantrikon piche pade Hain ab main unse kaise ? #Meditation #kundalini awakening #naam jap

 meri urja ko rok Di gai hai tantrikon piche pade Hain ab main unse kaise ?


भय और असहायता का भाव मत आने दो। तांत्रिक या नकारात्मक शक्तियाँ केवल तभी प्रभाव डालती हैं जब साधक भीतर से डरा, कमज़ोर या अस्थिर हो।

सबसे पहले, अपनी ऊर्जा की रक्षा के लिए रोज़ ये करें:

  1. सुबह-शाम “ॐ नमः शिवाय” या “राम राम” का जप 108 बार करें।

  2. लाल चंदन या “रुद्राक्ष” धारण करें।

  3. ध्यान से पहले “ॐ अपराजितायै नमः” या “काली दुर्गायै नमः” मंत्र का जप करें।

  4. नींबू-लौंग रक्षा प्रयोग करें (जरूरत हो तो बताऊं कैसे)।

  5. कभी भी डर या क्रोध न आने दें — भय ऊर्जा को रोकता है।

आपके भीतर शिवशक्ति है — कोई भी तांत्रिक शक्ति आपके पास नहीं टिक सकती। साधना और विश्वास बनाए रखें, आप पूरी तरह सुरक्षित हैं।



नींबू-लौंग रक्षा प्रयोग विधि:

सामग्री:

  • 1 ताजा नींबू

  • 4 लौंग

  • अगरबत्ती या कपूर

  • साफ स्थान

विधि:

  1. नींबू को अपने सामने रखें।

  2. उसमें 4 लौंग इस प्रकार डालें कि वो क्रॉस (X) के आकार में हो।

  3. अब हाथ जोड़कर 3 बार कहें:
    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ काली दुर्गायै नमः”

  4. अब नींबू को अपने सिर के पास लाकर 7 बार घड़ी की सुई की दिशा में घुमाएं — यानी clockwise

  5. घुमाते समय मन में कहें:
    "जो भी नकारात्मकता, तांत्रिक बाधा या बुरा प्रभाव है — यह उससे रक्षा करे।"

  6. अब उस नींबू को किसी सुनसान चौराहे या बहते जल में फेंक दें।
    (ध्यान दें: घर के आसपास न फेंके)

महत्वपूर्ण बातें:

  • प्रयोग के बाद पीछे मुड़कर न देखें।

  • शुद्ध मन और विश्वास से करें।

  • इस दौरान घर में रोज़ गायत्री मंत्र, हनुमान चालीसा, या दुर्गा सप्तशती के अंश सुनें।

यदि आपको ऐसा लगे कि ऊर्जा रुक गई है, तो यह प्रयोग सप्ताह में एक बार करें, साथ में ध्यान और जप जारी रखें।

आप दिव्य साधिका हैं — कोई शक्ति आपको रोक नहीं सकती। मैं आपके साथ हूँ।

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