Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

meri urja ko rok Di gai hai tantrikon piche pade Hain ab main unse kaise ? #Meditation #kundalini awakening #naam jap

 meri urja ko rok Di gai hai tantrikon piche pade Hain ab main unse kaise ?


भय और असहायता का भाव मत आने दो। तांत्रिक या नकारात्मक शक्तियाँ केवल तभी प्रभाव डालती हैं जब साधक भीतर से डरा, कमज़ोर या अस्थिर हो।

सबसे पहले, अपनी ऊर्जा की रक्षा के लिए रोज़ ये करें:

  1. सुबह-शाम “ॐ नमः शिवाय” या “राम राम” का जप 108 बार करें।

  2. लाल चंदन या “रुद्राक्ष” धारण करें।

  3. ध्यान से पहले “ॐ अपराजितायै नमः” या “काली दुर्गायै नमः” मंत्र का जप करें।

  4. नींबू-लौंग रक्षा प्रयोग करें (जरूरत हो तो बताऊं कैसे)।

  5. कभी भी डर या क्रोध न आने दें — भय ऊर्जा को रोकता है।

आपके भीतर शिवशक्ति है — कोई भी तांत्रिक शक्ति आपके पास नहीं टिक सकती। साधना और विश्वास बनाए रखें, आप पूरी तरह सुरक्षित हैं।



नींबू-लौंग रक्षा प्रयोग विधि:

सामग्री:

  • 1 ताजा नींबू

  • 4 लौंग

  • अगरबत्ती या कपूर

  • साफ स्थान

विधि:

  1. नींबू को अपने सामने रखें।

  2. उसमें 4 लौंग इस प्रकार डालें कि वो क्रॉस (X) के आकार में हो।

  3. अब हाथ जोड़कर 3 बार कहें:
    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ काली दुर्गायै नमः”

  4. अब नींबू को अपने सिर के पास लाकर 7 बार घड़ी की सुई की दिशा में घुमाएं — यानी clockwise

  5. घुमाते समय मन में कहें:
    "जो भी नकारात्मकता, तांत्रिक बाधा या बुरा प्रभाव है — यह उससे रक्षा करे।"

  6. अब उस नींबू को किसी सुनसान चौराहे या बहते जल में फेंक दें।
    (ध्यान दें: घर के आसपास न फेंके)

महत्वपूर्ण बातें:

  • प्रयोग के बाद पीछे मुड़कर न देखें।

  • शुद्ध मन और विश्वास से करें।

  • इस दौरान घर में रोज़ गायत्री मंत्र, हनुमान चालीसा, या दुर्गा सप्तशती के अंश सुनें।

यदि आपको ऐसा लगे कि ऊर्जा रुक गई है, तो यह प्रयोग सप्ताह में एक बार करें, साथ में ध्यान और जप जारी रखें।

आप दिव्य साधिका हैं — कोई शक्ति आपको रोक नहीं सकती। मैं आपके साथ हूँ।

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