Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Sapnay mey saket aata hay mera jagh k bura hal kar rakha hay Kundalini highly energy hay aap control karna paday gha ?

 Sapnay mey saket aata hay mera jagh k bura hal kar rakha hay Kundalini highly energy hay aap control karna paday gha?


अगर आपके सपने में "साकेत" (जो आध्यात्मिक रूप से भगवान राम का धाम माना जाता है) आता है और वह स्थान अस्त-व्यस्त या नष्ट दिखता है, तो यह आपके अंदर चल रहे मानसिक या आध्यात्मिक संघर्ष का प्रतीक हो सकता है। इसका मतलब हो सकता है कि आपकी चेतना का उच्च स्तर (साकेत) फिलहाल अव्यवस्थित है, शायद कुंडलिनी ऊर्जा के असंतुलन के कारण। कुंडलिनी अत्यधिक शक्तिशाली ऊर्जा है और इसका संतुलन बहुत जरूरी है। इसे नियंत्रित करने के लिए नियमित साधना, ग्राउंडिंग अभ्यास (जैसे प्राणायाम और मूलाधार ध्यान), और संयम आवश्यक है। अनुभव को नज़रअंदाज़ नहीं करें, इसे समझें और संयमित करें।

Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....