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mera left side aur right side balance nhi ho rhi aur kundalini shakti apn

 mera left side aur right side balance nhi ho rhi aur kundalini shakti apne aap ek side atak jati hai. siddhi bohot strong ho gyi hai but balance nhi banana aa rha सबसे पहले घबराएँ नहीं। शरीर के दोनों ओर असंतुलन या ऊर्जा एक तरफ अटकने जैसा अनुभव होने पर इसे तुरंत कुण्डलिनी या सिद्धि का संकेत न मानें। अभी कुण्डलिनी जागरण के तीव्र अभ्यास, जोरदार प्राणायाम और बंध रोककर सामान्य श्वास के साथ सहज रहें। भोजन, नींद और दिनचर्या नियमित रखें तथा ध्यान में किसी एक ओर ऊर्जा खींचने का प्रयास न करें। यदि कमजोरी, सुन्नपन, दर्द या संतुलन बिगड़ रहा है, तो चिकित्सकीय जाँच अवश्य करवाएँ। साधना में स्थिरता, स्वास्थ्य और विवेक सबसे महत्वपूर्ण हैं। 🙏

mera left side aur right side balance nhi ho rhi aur kundalini shakti apn

 mera left side aur right side balance nhi ho rhi aur kundalini shakti apne aap ek side atak jati hai. siddhi bohot strong ho gyi hai but balance nhi banana aa rha सबसे पहले घबराएँ नहीं। शरीर के दोनों ओर असंतुलन या ऊर्जा एक तरफ अटकने जैसा अनुभव होने पर इसे तुरंत कुण्डलिनी या सिद्धि का संकेत न मानें। अभी कुण्डलिनी जागरण के तीव्र अभ्यास, जोरदार प्राणायाम और बंध रोककर सामान्य श्वास के साथ सहज रहें। भोजन, नींद और दिनचर्या नियमित रखें तथा ध्यान में किसी एक ओर ऊर्जा खींचने का प्रयास न करें। यदि कमजोरी, सुन्नपन, दर्द या संतुलन बिगड़ रहा है, तो चिकित्सकीय जाँच अवश्य करवाएँ। साधना में स्थिरता, स्वास्थ्य और विवेक सबसे महत्वपूर्ण हैं। 🙏

uruji dhyan mai hum hi dikhyi dete hain kbhi sadvi roop mai to kbhi de

  guruji dhyan mai hum hi dikhyi dete hain kbhi sadvi roop mai to kbhi devi roop mai kbi baba kbhi mata kbhi paramhans nand guruji kbhi rishi muni sanket kya hai bataye guruji 🙏 ध्यान में कभी स्वयं को साध्वी, देवी, बाबा या ऋषि-मुनि के रूप में देखना मन की सूक्ष्म कल्पनाओं, संस्कारों अथवा गहरी एकाग्रता में उभरने वाले प्रतीकों का अनुभव हो सकता है। आध्यात्मिक दृष्टि से इसे आत्मचिंतन का अवसर मानें, किसी सिद्धि या विशेष आध्यात्मिक पद की निश्चित पहचान नहीं। ध्यान में जो भी दृश्य आए, उससे आसक्ति न रखें और न ही भयभीत हों। सहज भाव से अपने इष्ट का स्मरण करते हुए साक्षीभाव बनाए रखें। याद रखें, साधना की सच्ची प्रगति बाहरी रूपों में नहीं, बल्कि विनम्रता, करुणा, विवेक और मन की शांति में दिखाई देती है। 🙏

satvik pooja krte hai kewal choti si sewa Mere gher mai shivling hai

  Guruji hum satvik pooja krte hai kewal choti si sewa Mere gher mai shivling hai laddu gopal hai laxmi narayan mataji bhi hanuman ji hai pitr paksh mai bhog lagate hai kul devi kul devta ka bhi krte hai fir bhi gher mai pressani kyu hai 🙏 nivaran bataye guruji भक्त, घर में पूजा-पाठ और सात्त्विक सेवा करना श्रद्धा का सुंदर मार्ग है, लेकिन जीवन में परेशानियाँ आने का अर्थ यह नहीं कि आपकी पूजा में कोई कमी है या देवी-देवता आपसे नाराज़ हैं। ईश्वर की भक्ति हमें कठिन परिस्थितियों में धैर्य, विवेक और सही मार्ग चुनने की शक्ति देती है। आप प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक शिवजी का स्मरण करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें और पितरों के निमित्त सामर्थ्य अनुसार दान-सेवा करें। घर में प्रेम, मधुर वाणी और आपसी सहयोग बनाए रखें। भय या किसी महँगे उपाय के चक्कर में न पड़ें। विश्वास रखें, साथ ही समस्याओं का व्यावहारिक समाधान भी खोजें। 🙏

आज्ञा चक्र का संबंध आध्यात्मिक परंपराओं में अंतर्दृष्टि, एकाग्रता

  Very have well described the experience & suggestion. As described by seeing images of god, sceneries in the video can we see the known living person or dead person situation as per our wish with Ajana chakra/3rd eye? I Hope to get the reply आज्ञा चक्र का संबंध आध्यात्मिक परंपराओं में अंतर्दृष्टि, एकाग्रता और मन की सूक्ष्म अनुभूतियों से माना जाता है। ध्यान में कभी देवी-देवताओं, सुंदर दृश्यों या परिचित व्यक्तियों की छवियाँ स्वतः दिखाई दे सकती हैं। लेकिन अपनी इच्छा से किसी जीवित या दिवंगत व्यक्ति की वास्तविक स्थिति देख पाना तीसरी आँख की सिद्ध शक्ति है, इसका कोई विश्वसनीय प्रमाण नहीं है। ऐसी छवियों को निश्चित सत्य न मानें, बल्कि साक्षीभाव से देखें। साधना का वास्तविक उद्देश्य किसी को देखने की शक्ति पाना नहीं, बल्कि मन की शांति, आत्मबोध और चेतना की गहराई को समझना है। 🙏

mere dard badh chuka he crown chakra third eye ki wjh he me dhyan nhi lga pa rahi mahino se sir bahut bhari rahne lga he or third eye...

mere dard badh chuka he crown chakra third eye ki wjh he me dhyan nhi lga pa rahi mahino se sir bahut bhari rahne lga he or third eye ke upr bich ki granthi me bahut dard rahne lga he ... Guru ji kya crown chakra ya third ke over active se he uske blockeg he ya unbalance please guruwer .. guide me mujhe isee sahi karne ka sahi marg dikhaye .. koti koti guru ji aacharya .. 🙏 🙇 dandvat pranam  सबसे पहले घबराएँ नहीं और कुछ समय के लिए तीसरी आँख तथा क्राउन चक्र पर केंद्रित ध्यान, त्राटक और तीव्र प्राणायाम रोक दें। आध्यात्मिक दृष्टि से साधना में सहजता, धैर्य और संतुलन आवश्यक हैं; सिर में भारीपन या दर्द को केवल चक्रों के असंतुलन अथवा जागरण का संकेत न मानें। आपको कई महीनों से दर्द है और वह बढ़ रहा है, इसलिए कृपया शीघ्र चिकित्सक से जाँच करवाएँ। अभी शरीर को विश्राम दें, सामान्य श्वास पर ध्यान रखें और जबरदस्ती ध्यान न करें। साधना में स्वास्थ्य और सहजता भी आवश्यक हैं। 🙏