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Showing posts from September, 2026

Mujhe harpal nind aa rahaa hai,kya karu?

 ध्यान करते समय नींद आना बहुत सामान्य है। अक्सर इसका कारण शरीर की थकान, कम नींद, भोजन के बाद ध्यान करना या बहुत आरामदायक मुद्रा हो सकता है। आप ये उपाय करें: ध्यान सुबह या नहाने के बाद करें। रीढ़ सीधी रखें, लेटकर ध्यान न करें। भोजन के तुरंत बाद ध्यान न करें। शुरुआत में केवल 10–15 मिनट बैठें। आँखें बंद करते ही नींद आए तो कुछ मिनट धीमी गहरी श्वास लें। पर्याप्त रात की नींद लें। ध्यान में शांति और जागरूकता दोनों जरूरी हैं— नींद को आध्यात्मिक संकेत मानकर उसके पीछे न जाएँ। यदि दिनभर असामान्य रूप से बहुत नींद आती है, तो नींद की गुणवत्ता और स्वास्थ्य कारणों पर भी ध्यान दें।

Mujhe harpal nind aa rahaa hai,kya karu?

 ध्यान करते समय नींद आना बहुत सामान्य है। अक्सर इसका कारण शरीर की थकान, कम नींद, भोजन के बाद ध्यान करना या बहुत आरामदायक मुद्रा हो सकता है। आप ये उपाय करें: ध्यान सुबह या नहाने के बाद करें। रीढ़ सीधी रखें, लेटकर ध्यान न करें। भोजन के तुरंत बाद ध्यान न करें। शुरुआत में केवल 10–15 मिनट बैठें। आँखें बंद करते ही नींद आए तो कुछ मिनट धीमी गहरी श्वास लें। पर्याप्त रात की नींद लें। ध्यान में शांति और जागरूकता दोनों जरूरी हैं— नींद को आध्यात्मिक संकेत मानकर उसके पीछे न जाएँ। यदि दिनभर असामान्य रूप से बहुत नींद आती है, तो नींद की गुणवत्ता और स्वास्थ्य कारणों पर भी ध्यान दें।

Mujhe andhere ki awaaz sunai deti Hai Ajeeb Sa kida Hai Jo har samay mere Sath chalta hai kya koi Bata sakta hai yah kya hai aur use kide ki awaaz mein aur gahrai se agar suno to ek tar hai jo baj raha hai aur FIR band ho jata hai

  Mujhe andhere ki awaaz sunai deti Hai Ajeeb Sa kida Hai Jo har samay mere Sath chalta hai kya koi Bata sakta hai yah kya hai aur use kide ki awaaz mein aur gahrai se agar suno to ek tar hai jo baj raha hai aur FIR band ho jata hai ? इसे तुरंत अनाहद नाद मान लेना उचित नहीं होगा। ध्यान की आध्यात्मिक परंपराओं में भीतर सुनाई देने वाली सूक्ष्म ध्वनियों को कभी-कभी अनाहद नाद कहा जाता है, लेकिन कान में लगातार आवाज़, भनभनाहट या तार जैसी ध्वनि टिनिटस जैसी सामान्य श्रवण-समस्या से भी जुड़ी हो सकती है। आपने बताया कि आवाज़ हर समय साथ रहती है और ध्यान से सुनने पर तार जैसी ध्वनि आती है—इसलिए उसे पकड़ने या बहुत गहराई से सुनने की कोशिश न करें।

om sohum ajun brahmashmi ka naam jaap kar sakte h kya??

 हाँ, आप “ॐ सोऽहम्” और “अहं ब्रह्मास्मि” दोनों का जाप कर सकते हैं। आध्यात्मिक दृष्टि से “सोऽहम्” श्वास के साथ सहज रूप से किया जाने वाला मंत्र है—श्वास लेते समय “सो” और छोड़ते समय “हम” का भाव रखें। “अहं ब्रह्मास्मि” आत्मा और परम सत्य की एकता का चिंतन कराता है। शुरुआत में किसी एक मंत्र को नियमित रूप से करना बेहतर रहेगा, ताकि मन एकाग्र हो। जाप करते समय जल्दबाजी या किसी विशेष अनुभव की अपेक्षा न रखें। श्रद्धा, शांति और नियमितता को महत्व दें

ध्यान में बैठे ती हू मेरे नाक की हड्डी में खुजली होने लगती हैं और कभी-कभी सोते समय भी इसका क्या कारण है कृपया करके उत्तर दें

 आध्यात्मिक दृष्टि से ध्यान के समय नाक की हड्डी या आसपास खुजली होना प्राण के प्रवाह, एकाग्रता और शरीर की सूक्ष्म संवेदनाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता से जोड़ा जा सकता है। जब मन शांत होता है, तो सामान्यतः अनदेखी रहने वाली हल्की खुजली, कंपन या स्पंदन अधिक स्पष्ट महसूस होने लगते हैं। कुछ साधना परंपराएँ इसे प्राणवायु की सक्रियता से भी जोड़ती हैं। सोते समय ऐसा होना जरूरी नहीं कि इसका आध्यात्मिक कारण ही हो;