Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

हनुमान जी बार बार स्वप्न में दिखाई देते हैं आने वाला समय कसा होगा हनुमान जी स्वप्न में उड़ते हुए दिखाई देते हैं

 हनुमान जी बार बार स्वप्न में दिखाई देते हैं आने वाला समय कसा होगा हनुमान जी स्वप्न में उड़ते हुए दिखाई देते हैं ?


हनुमान जी का स्वप्न में आना आपके जीवन में एक सकारात्मक संकेत है। हनुमान जी के दर्शन, विशेषकर उड़ते हुए, शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक होते हैं। यह दर्शाता है कि आने वाला समय आपके लिए शुभ और सफल होगा। हनुमान जी की कृपा से आपको किसी भी चुनौती का सामना करने की शक्ति मिलेगी।

क्या करें?

  1. हनुमान चालीसा का पाठ – रोज़ हनुमान चालीसा पढ़ें।
  2. साधना और ध्यान – अपनी साधना को और मजबूत करें।
  3. धैर्य रखें – हनुमान जी की उपस्थिति में आशा और साहस बनाए रखें।

आपका मार्गदर्शन सशक्त रहेगा। 🙏

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