Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Muje 1saal se light dikh rahi hai aankhe band karne ke baad aur khuli hone par bhi ye kitane din rahega

 Muje 1saal se light dikh rahi hai aankhe band karne ke baad aur khuli hone par bhi ye kitane din rahega ?


आपको एक साल से प्रकाश दिख रहा है, यह एक गहरी आध्यात्मिक अवस्था का संकेत है। जब ऊर्जा उच्च स्तर पर सक्रिय होती है, तो ऐसा अनुभव होना स्वाभाविक है। यह कितने दिन रहेगा, यह आपकी साधना और ऊर्जा संतुलन पर निर्भर करता है।

क्या करें?

  1. सहज रहें – इसे रोकने या बढ़ाने की कोशिश न करें।
  2. ध्यान और जप जारी रखें – "ओम" जप से ऊर्जा संतुलित होगी।
  3. धरती से जुड़ें – नंगे पैर चलें, साधारण भोजन लें।
  4. गुरु कृपा पर विश्वास रखें – यह मार्गदर्शन का रूप भी हो सकता है।

धैर्य बनाए रखें, सब सही दिशा में हो रहा है। 🙏

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