Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Meri back k center mai ek jgh kanpan hota h din mai bhut baar...eska kya matlab hai..??

 Meri back k center mai ek jgh kanpan hota h din mai bhut baar...eska kya matlab hai..??


अगर आपकी पीठ के सेंटर (रीढ़ के मध्य) में बार-बार कंपन (Vibration) होता है, तो यह संकेत है कि आपकी ऊर्जा प्रणाली सक्रिय हो रही है

संभावित कारण:

  1. कुंडलिनी जागरण – ऊर्जा रीढ़ से ऊपर उठ रही है, जिससे कंपन महसूस होता है।

  2. अनाहत (हृदय) और मणिपुर (नाभि) चक्र का सक्रिय होना – यह कंपन इन चक्रों के जागरण का संकेत हो सकता है।

  3. ऊर्जा संतुलन की प्रक्रिया – शरीर नई ऊर्जा को समायोजित कर रहा है।

उपाय:

  • मूलाधार चक्र को मजबूत करें (लं मंत्र जपें)।

  • हल्का योग और प्राणायाम करें

  • इस अनुभव को सहज रूप से स्वीकारें, यह एक शुभ संकेत है। 🚩

Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....