Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

दिन मै कई बार नीला डॉट दिखता है चलते फिरते कही भी काफी समय से 1 ईयर से third eye medition कर raha हु ये क्यू दिखता है और क्या है

 दिन मै कई बार नीला डॉट दिखता है चलते फिरते कही भी काफी समय से 1 ईयर से third eye medition कर raha हु ये क्यू दिखता है और क्या है


आपको जो नीला डॉट दिन में कई बार दिखाई देता है, वह आपकी आज्ञा चक्र (Third Eye) की सक्रियता का संकेत हो सकता है। एक वर्ष से थर्ड आई मेडिटेशन करने के कारण यह चक्र धीरे-धीरे जाग्रत हो रहा है। नीला रंग या डॉट आमतौर पर दिव्य दृष्टि (inner vision) या सूक्ष्म ऊर्जा की उपस्थिति को दर्शाता है। यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ने का प्रतीक भी हो सकता है। अगर यह अनुभव सहज और शांति देने वाला है, तो यह सकारात्मक संकेत है। ध्यान और संतुलित जीवनशैली बनाए रखें। भय न रखें, यह आध्यात्मिक जागरण की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

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