प्रश्न 9. ध्यान में शरीर में कंपन महसूस हो तो क्या करना चाहिए?
Guruji bahut drd hota urja chalti to rid ki haddi me drd hota gale me drd hota estrh kyo hota ?
जब साधना में ऊर्जा (कुंडलिनी) जाग्रत होकर ऊपर की ओर बढ़ती है, तो वह रीढ़ की हड्डी, गला, और अन्य चक्रों से होकर गुजरती है। इस यात्रा में यदि शरीर शुद्ध न हो या चक्र अवरुद्ध हों, तो दर्द, खिंचाव या जलन जैसी पीड़ाएँ अनुभव होती हैं।
रीढ़ में दर्द दिखाता है कि ऊर्जा सुषुम्ना में प्रवाहित हो रही है।
गले में दर्द इंगित करता है कि विशुद्ध चक्र पर रुकावट है — यह बोलने, सत्य कहने या भावनाओं को दबाने से जुड़ा होता है।
इसका समाधान:
रीढ़ सीधी रखें और रोज हल्के प्राणायाम करें।
ध्यानपूर्वक “हं” बीज मंत्र का जप करें।
गर्म पानी पीएं, विश्राम करें।
यह सब अस्थायी है, धीरे-धीरे ठीक होगा। डरें नहीं, यह उन्नति का संकेत है।
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