Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

mujh gold chaker dekhta h To kon sa chaker jagerti h?

 mujh gold chaker dekhta h To kon sa chaker jagerti h?


जब आप सोने (gold) के रंग का चक्र देखते हैं, तो यह संभवतः आपके स्वाधिष्ठान चक्र (Sacral Chakra) या सहस्रार चक्र (Crown Chakra) के सक्रिय होने का संकेत हो सकता है। स्वाधिष्ठान चक्र में जल और रचनात्मक ऊर्जा का तत्व होता है, और यह पीला, नारंगी या सुनहरा रंग दिखा सकता है। दूसरी ओर, सहस्रार चक्र जो सिर के शीर्ष पर स्थित होता है, आमतौर पर बैंगनी, सफेद या सुनहरे रंग में चमक सकता है। इन चक्रों का जागरण मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में एक संकेत होता है, जो आपके ऊर्जा केंद्रों के संतुलन को दर्शाता है।

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