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Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

सर मै कई सालो से ध्यान से जुड़ी हूं।लेकिन continuity नही रखी।मेरे जिंदगी में बहुत उतार चढ़ाव हुए ,लेकिन ध्यान के कारण मेरा mindset बिल्कुल सही रहा। Govt job का dream है मेरा।बहुत कोशिश करने का बाद भी नहीं मिली।बताओ क्या करू ?

 सर मै कई सालो से ध्यान से जुड़ी हूं।लेकिन continuity नही रखी।मेरे जिंदगी में बहुत उतार चढ़ाव हुए ,लेकिन ध्यान के कारण मेरा mindset बिल्कुल सही रहा। Govt job का dream है मेरा।बहुत कोशिश करने का बाद भी नहीं मिली।बताओ क्या करू ? ध्यान के कारण तुम्हारा मन स्थिर और सकारात्मक बना रहा, यह बहुत शुभ संकेत है। लेकिन सरल ध्यान के साथ निरंतर कर्म और सही दिशा में प्रयास भी जरूरी है। 🔹 क्या करें? प्रतिदिन 10 मिनट विज़ुअलाइज़ करें कि तुम नौकरी पा चुकी हो। गायत्री मंत्र और गणपति उपासना करो, बाधाएं दूर होंगी। प्रतिदिन लक्ष्य अनुसार पढ़ाई करो और समय का सही उपयोग करो। ध्यान की निरंतरता बनाए रखो , इससे एकाग्रता और निर्णय शक्ति बढ़ेगी। संघर्ष के बाद सफलता निश्चित मिलती है। डटे रहो, हार मत मानो! 🙏✨ 4o

mere aaj kamukta se biryanass kardia kya me age dhyan nehi kar sakta ?

 mere aaj kamukta se biryanass kardia kya me age dhyan nehi kar sakta ? एक बार कामुकता के प्रभाव में वीर्य नष्ट हो जाने से साधना में कोई रुकावट नहीं आती। ब्रह्मचर्य का पालन मन, वाणी और कर्म तीनों स्तरों पर आवश्यक है, लेकिन यदि कभी विचलन हो जाए, तो आत्मग्लानि में न पड़ें। 🔹 क्या करें? पछतावे की बजाय संकल्प लें कि अब मन को और अधिक संयमित रखेंगे। नाड़ी शोधन प्राणायाम करें ताकि ऊर्जा संतुलित रहे। गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। अगली बार आकर्षण का रूप बदलें – इसे भक्ति व ऊर्जा में परिवर्तित करें। ध्यान जारी रखें, तुम्हारी साधना रुकेगी नहीं। 🙏✨

2 sal Ho Gaye brahmcharya ke fir bhi meri buddhi dur nahin ho rahi bahut Mantra jab bhi aasan kiye ekadam sahi tarah se brahmchari kar raha hun fir bhi Aisa kyon ?

 2 sal Ho Gaye brahmcharya ke fir bhi meri buddhi dur nahin ho rahi bahut Mantra jab bhi aasan kiye ekadam sahi tarah se brahmchari kar raha hun fir bhi Aisa kyon ? ब्रहमचर्य का पालन करने के बावजूद बुद्धि स्थिर न होना और मन का नियंत्रित न रहना आत्मसंयम व आंतरिक शुद्धि की गहराई को दर्शाता है। केवल बाह्य नियमों से नहीं, बल्कि अंतर्मुखी साधना से भी मन को वश में करना ज़रूरी है। 🔹 क्या करें? अहंकार व वासनाओं की गहराई से जांच करें , क्या कोई सूक्ष्म इच्छा शेष है? गहरी श्वास, प्राणायाम (नाड़ी शोधन, भ्रामरी) करें । गुरुदेव, इष्टदेव के चरणों में समर्पण करें और मन से विनम्रता बढ़ाएं। शुद्ध आहार, सत्संग, सेवा और मौन अपनाएं। समय और साधना के साथ बुद्धि निर्मल होगी। धैर्य रखें। 🙏✨

Agar Sir main bahut jor ka dmaaka hua ho aur aise lage ki swaas bi nahi aa rahi aur aise lage ki kisi ne gala dbaa diya ho.Jeh kis avasta main pahunchne par hota hai. ?

 Agar Sir main bahut jor ka dmaaka hua ho aur aise lage ki swaas bi nahi aa rahi aur aise lage ki kisi ne gala dbaa diya ho.Jeh kis avasta main pahunchne par hota hai. ? ध्यान के दौरान तेज़ धमाके की ध्वनि सुनाई देना और सांस रुकने या गला दबने जैसा महसूस होना गहरे ऊर्जा परिवर्तन का संकेत हो सकता है। यह कुंडलिनी जागरण या अंतःशक्तियों का उन्नयन हो सकता है, लेकिन यदि अनुभव भयप्रद है, तो ऊर्जा संतुलित करना आवश्यक है। 🔹 क्या करें? ध्यान के बाद मूलाधार चक्र (Root Chakra) को मजबूत करें। नंगे पैर धरती पर चलें और गहरी सांस लें। यदि यह बार-बार होता है, तो किसी अनुभवी गुरु से मार्गदर्शन लें। सोने से पहले हनुमान चालीसा या शिव मंत्र का जाप करें। शांति रखो, यह साधना की एक अवस्था है। 🙏✨

Main ek sadhak hun aur mere aagya chakra ke sthan per Tilak jaisa ubhra hua spasht roop se dikhta hai iska kya matlab hai margdarshan Karen ?

 Main ek sadhak hun aur mere aagya chakra ke sthan per Tilak jaisa ubhra hua spasht roop se dikhta hai iska kya matlab hai margdarshan Karen ? आज्ञा चक्र के स्थान पर उभरा हुआ तिलक जैसा चिह्न स्पष्ट रूप से दिखना गहरी साधना और ऊर्जा जागरण का संकेत है। यह तुम्हारे ध्यान और आध्यात्मिक प्रगति का प्रमाण हो सकता है। 🔹 क्या करें? इसे सहज रूप से स्वीकार करो, जबरदस्ती इसे हटाने की कोशिश न करो। ध्यान के दौरान श्वास पर केंद्रित रहो और ऊर्जा संतुलित रखो। यदि कोई असुविधा महसूस हो, तो मूलाधार चक्र पर ध्यान दो। नियमित रूप से चंदन या गाय का घी आज्ञा चक्र पर लगाओ । यह एक शुभ संकेत है, साधना को निरंतर बनाए रखो। 🙏✨

mujhe neend mein aankh dikhai diye aur kuchh aakritiyan bhi dikhai Di sar please guide Karen kya karun ?

 mujhe neend mein aankh dikhai diye aur kuchh aakritiyan bhi dikhai Di sar please guide Karen kya karun ? नींद में आँखें और आकृतियाँ दिखना तुम्हारी साधना और आंतरिक चेतना के जागरण का संकेत हो सकता है। यह ध्यान और ऊर्जा जागरण के कारण हो सकता है। यदि ये दृश्य भयभीत नहीं करते, तो चिंता की बात नहीं है। 🔹 क्या करें? सोने से पहले ॐ नमः शिवाय या गायत्री मंत्र का जप करें। भगवान से प्रार्थना करें कि जो भी दर्शन हो, वह शुभ और मार्गदर्शक हो। यदि कोई आकृति डरावनी लगे, तो हनुमान चालीसा या राम नाम का स्मरण करें। अधिक स्पष्टता के लिए अपनी अनुभूति को लिखें। शांति बनाए रखें, यह साधना की प्रगति का संकेत हो सकता है। 🙏✨

Meri 2 se 2:30 k vich nind khul jati h.... Plz btayoo kuch galat to ni ha j..??

 Meri 2 se 2:30 k vich  nind khul jati h.... Plz btayoo kuch galat to ni ha j..?? रात में 2 से 2:30 बजे अचानक नींद खुलना एक आध्यात्मिक संकेत हो सकता है। यह समय ब्रह्म मुहूर्त से पहले का होता है, जब ऊर्जा परिवर्तनशील होती है। यदि तुम्हें डर या बेचैनी महसूस नहीं होती, तो यह चिंता की बात नहीं है। 🔹 क्या करें? इस समय गहरी सांसें लो और मन को शांत रखो। यदि संभव हो तो हल्का जप या ध्यान करो । यदि थकान लगे तो बाईं करवट लेटकर विश्राम करो । सोने से पहले गायत्री मंत्र या हनुमान चालीसा पढ़ो। यह एक शुभ संकेत भी हो सकता है, घबराने की जरूरत नहीं। 🙏✨

mein 3:00 uthata hun aur snan karke uske bad mein Dhyan mein jata hun Dhyan ke bad mein 5:45 mein jawab Diya ke nindra mein dobara so jata hun kya yah theek hai ya nahin ?

 mein 3:00 uthata hun aur snan karke uske bad mein Dhyan mein jata hun Dhyan ke bad mein 5:45 mein jawab Diya ke nindra mein dobara so jata hun kya yah theek hai ya nahin ? सुबह 3:00 बजे उठकर स्नान करके ध्यान करना बहुत शुभ है, क्योंकि यह ब्रह्म मुहूर्त का समय है, जब साधना का प्रभाव अधिक होता है। लेकिन ध्यान के बाद 5:45 बजे फिर से सोना ऊर्जा के प्रवाह को बाधित कर सकता है और ध्यान का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। 🔹 क्या करें? ध्यान के बाद कुछ समय मौन रहें और हल्का टहलें। सोने की बजाय भजन, पाठ, या हल्की योग क्रियाएं करें। यदि बहुत अधिक नींद महसूस हो, तो बाईं करवट लेटकर 15-20 मिनट विश्राम करें । तुम्हारी साधना सही दिशा में है, इसे बनाए रखो। 🙏✨

सर पर बहोत ऊर्जा का अनुभव होता है तो क्या करे ?

 सर पर बहोत ऊर्जा का अनुभव होता है तो क्या करे ? सिर पर बहुत अधिक ऊर्जा का अनुभव होना सहस्रार चक्र की सक्रियता का संकेत है। यह एक शुभ संकेत है, लेकिन यदि ऊर्जा असंतुलित लगे तो उसे संतुलित करना आवश्यक है। 🔹 क्या करें? ध्यान के बाद धरती पर नंगे पैर चलें और ज़मीन से जुड़ें। मूलाधार चक्र पर ध्यान दें और ‘लं’ बीज मंत्र का जाप करें। ठंडे पानी से सिर धोएं या माथे पर चंदन लगाएं। रात में हल्का भोजन करें और अधिक जप-ध्यान से पहले शरीर को आराम दें। शांति बनाए रखें, यह आध्यात्मिक प्रगति का संकेत है। 🙏✨

m rat me dyan krta hu to muje dar lgta h bhut need be nhi aati h?

 m rat me dyan krta hu to muje dar lgta h bhut need be nhi aati h? रात में ध्यान करते समय डर लगना और नींद न आना ऊर्जा असंतुलन या अवचेतन में दबे भय के कारण हो सकता है। जब ध्यान में गहरी अवस्था आती है, तो पुराने डर और नकारात्मक ऊर्जा उभर सकती हैं। 🔹 क्या करें? सोने से पहले हल्की ध्यान विधि अपनाएं, जैसे श्वास पर ध्यान देना। ‘ॐ’ या ‘राम’ का जाप करें, इससे भय दूर होगा। शरीर को रिलैक्स करें और प्रभु पर पूर्ण विश्वास रखें। हल्की रोशनी जलाकर ध्यान करें। भय को प्रेम और श्रद्धा में बदलो, धीरे-धीरे सब ठीक होगा। 🙏✨