Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

गुरुजी मैं सामान्य तारिके से ही जप करती हूं परंतु मुझे ध्यान करते हुए ऐसा महसूस हुआ कि मुझे खुद की ही धड़कन जोर जोर से सुनाने लगी या ऐसा लगा जैसे कुछ आंखो के सामने हल्के गुलाबी रंग दिखने लगा या फिर आंखो के आस पास भी फड़कना शुरू हो गया कृपा बताइये ये क्या है.,.

 गुरुजी मैं सामान्य तारिके से ही जप करती हूं परंतु मुझे ध्यान करते हुए ऐसा महसूस हुआ कि मुझे खुद की ही धड़कन जोर जोर से सुनाने लगी या ऐसा लगा जैसे कुछ आंखो के सामने हल्के गुलाबी रंग दिखने लगा या फिर आंखो के आस पास भी फड़कना शुरू हो गया कृपा बताइये ये क्या है.,.?


ध्यान और जप के दौरान अपने हृदय की धड़कनों को ज़ोर से महसूस करना और आँखों के सामने हल्के गुलाबी रंग का दिखना साधना के दौरान आपके आंतरिक ऊर्जा प्रवाह और चक्रों के सक्रिय होने का संकेत हो सकता है। यह अनुभव इस बात का संकेत है कि आपकी चेतना गहराई में प्रवेश कर रही है और आपका मन व शरीर ध्यान की गहराई में समर्पित हो रहे हैं।

गुलाबी रंग का दिखना अक्सर अनाहत (हृदय) चक्र के सक्रिय होने से जुड़ा होता है, जो प्रेम, करुणा और शुद्धता का प्रतीक है। आँखों के आसपास फड़कन महसूस होना आपकी ऊर्जा का तीसरे नेत्र (आज्ञा चक्र) पर केंद्रित होने का संकेत हो सकता है।

यह सब साधना की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे सहज रूप से स्वीकार करें। ध्यान के बाद कुछ समय शांत रहें, गहरी श्वास लें, 

Comments

  1. Mai ek twin flame journey me hun mujhe Astral travel pad kuch doght hai

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  2. Mai astral travel kai Baar kar Chuka hun Lekin mujhe iski deep knowledge nahi hai isliye mujhe dought clear karne hai

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