नाम शबद जपते वकत अपने भीतर शोर क्यू सुनाई देता है

 नाम शबद जपते वकत अपने भीतर शोर क्यू सुनाई देता है?


जब हम नाम शबद (मंत्र) का जप करते हैं, तो मन की गहराइयों में संचित विचार, भावनाएँ और आंतरिक तरंगें सक्रिय हो जाती हैं। प्रारंभ में, हमारा चित्त बाहरी और आंतरिक अशांत ध्वनियों (शोर) को सुनता है, क्योंकि मन अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ होता। यह शोर अधूरी ध्यान अवस्था का संकेत हो सकता है, जहाँ अंतर्मन की अव्यवस्थित तरंगें उभरने लगती हैं। जैसे-जैसे साधना गहरी होती है, यह शोर स्वतः शांत हो जाता है और दिव्य अनाहत नाद प्रकट होने लगता है। निरंतर अभ्यास से ध्यान स्थिर होता है और आंतरिक शांति का अनुभव होता है।

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