मैं जब पूजा करनी बैठी हूं तो मेरे लेफ्ट साइड पेट में गुड़गुड़ आवाज क्यों होती है? कृपया उत्तर दें?
- ऊर्जा का संचार: पूजा और ध्यान के दौरान जब मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है, तो शरीर के विभिन्न भागों में संवेदनाएँ महसूस हो सकती हैं।
- नाड़ी शुद्धिकरण: संभव है कि आपकी ऊर्जा नाड़ियाँ (इडा, पिंगला, सुषुम्ना) सक्रिय हो रही हों, जिससे शरीर में सूक्ष्म स्तर पर परिवर्तन हो रहा हो।
- बाईं ओर ऊर्जा प्रवाह: बाईं ओर इडा नाड़ी होती है, जो चंद्र ऊर्जा से जुड़ी होती है। जब यह अधिक सक्रिय होती है, तो शरीर में संवेदनाएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
क्या करें?
- भोजन और पूजा के बीच कम से कम 1-2 घंटे का अंतर रखें।
- धीमी और गहरी सांसें लें, ताकि शरीर शांत रहे।
- यदि यह अनुभव बार-बार होता है, तो इसे ध्यानपूर्वक देखें और अपनी ऊर्जा में होने वाले बदलावों को समझें।
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