Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Guruji kya chakra black background me white lines se bane hue dikhte hai?

 Guruji kya chakra black background me white lines se bane hue dikhte hai?


हाँ, कई साधकों को ध्यान में काले (ब्लैक) बैकग्राउंड पर सफेद रेखाओं से बने चक्रों के दर्शन होते हैं। यह ऊर्जा प्रवाह और सूक्ष्म जागरण का संकेत हो सकता है। विशेष रूप से, जब आज्ञा या सहस्रार चक्र सक्रिय होते हैं, तो इस प्रकार की ज्यामितीय आकृतियाँ दिखाई दे सकती हैं। यह दर्शाता है कि आपकी चेतना गहराई में जा रही है और दिव्य ऊर्जा का अनुभव हो रहा है। यदि ये दर्शन स्थिर और स्पष्ट हैं, तो ध्यान जारी रखें, यह एक सकारात्मक संकेत हो सकता है कि आपका आंतरिक जागरण सही दिशा में प्रगति कर रहा है। ✨

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