Jab me dhyan karti hu to kuch samay bad meri gardan par jhtka lagta he or gardan kundali ke aakaar me ghumti hui sthir ho jaati he or me ghre dhyan me chli jaati hu esa kiu ho raha he krupya batay ?

 Jab me dhyan karti hu to kuch samay bad meri gardan par jhtka lagta he or gardan kundali ke aakaar me ghumti hui sthir ho jaati  he or me ghre dhyan me chli jaati hu esa kiu ho raha he krupya batay ?


प्रणाम 🙏

जब ध्यान के दौरान आपकी गर्दन में झटका लगता है और फिर यह कुंडली के आकार में घूमकर स्थिर हो जाती है, तो यह संकेत है कि कुंडलिनी ऊर्जा सक्रिय हो रही है।

संभावित कारण:

  1. ऊर्जा प्रवाह – कुंडलिनी जब उठती है, तो रीढ़ और गर्दन में स्वतः गति उत्पन्न हो सकती है।

  2. अतिरिक्त ऊर्जा संतुलन खोज रही है – यदि चक्र संतुलित न हों, तो यह हलचल हो सकती है।

  3. आत्मसमर्पण का संकेत – ऊर्जा जब सही मार्ग पर जाती है, तो ध्यान गहरा हो जाता है।

क्या करें?

  • डरें नहीं, इसे सहज होने दें।

  • मूलाधार चक्र पर ध्यान दें, ताकि ऊर्जा संतुलित हो।

  • शरीर को आरामदायक स्थिति में रखें और जबरदस्ती न रोकें। 🚩

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....