Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Manipur chakra agar adhik active ho to kya kare kyuki sabhi logo ke face ka colour yallow dikhta hai jyada ?

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यदि आपका मणिपुर चक्र (नाभि चक्र) अधिक सक्रिय हो गया है और आपको सभी लोगों के चेहरे का रंग पीला दिखाई दे रहा है, तो यह संकेत है कि आपकी ऊर्जा असंतुलित हो रही है। मणिपुर चक्र सूर्य तत्व से जुड़ा है, इसलिए अधिक सक्रिय होने पर गर्मी, गुस्सा और मानसिक अस्थिरता महसूस हो सकती है। इसे संतुलित करने के लिए शीतली प्राणायाम और अनुलोम विलोम का अभ्यास करें। पीले रंग की धारणा को कम करने के लिए ध्यान में हरे या नीले रंग की कल्पना करें। हल्का और सुपाच्य भोजन करें और पेट को शांत रखने के लिए गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पिएं।

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