Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Mujhe mere pati ko hilign karni he uanka dhyan mere pass ana chahiye ?

 Mujhe mere pati ko hilign karni he uanka dhyan mere pass ana chahiye ?


यदि आप चाहती हैं कि आपके पति का ध्यान आपकी ओर आकर्षित हो और उनका मन आपके प्रति जुड़ा रहे, तो आपको प्रेम और ऊर्जा के स्तर पर जुड़ना होगा। सबसे पहले, अपने मन को शांत करें और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें। प्रतिदिन सुबह और रात को ध्यान में बैठें और अपने पति का चेहरा कल्पना करें। मन ही मन गुलाबी प्रकाश (प्रेम का रंग) उनके चारों ओर फैलाएं और यह भावना रखें कि वह आपकी ओर आकर्षित हो रहे हैं।

इसके अलावा, “क्लीं” बीज मंत्र का 108 बार जप करें। यह मंत्र आकर्षण और प्रेम बढ़ाने में सहायक होता है। अपने घर के बेडरूम में गुलाबी या लाल रंग के फूल रखें, जिससे प्रेम ऊर्जा का संचार हो। साथ ही, पति से संवाद बढ़ाएं और उनके साथ अधिक समय बिताएं। प्रेम और विश्वास से उनका ध्यान स्वाभाविक रूप से आपकी ओर आकर्षित होगा।

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