प्रश्न 9. ध्यान में शरीर में कंपन महसूस हो तो क्या करना चाहिए?
hamare denik jeevan me jo jeevan urja bahar ki taraf ja rahi hai aakho se kano se ya other kisi indriye se kya yahi urja kundilini urja hai ya kundilini urja alag hai jo muladhar chakra me soye huye hai plz bataye?
हमारे दैनिक जीवन में जो ऊर्जा आँखों, कानों और अन्य इंद्रियों के माध्यम से बाहर की ओर प्रवाहित हो रही है, वह सामान्य जीवन ऊर्जा (pranic energy) है, जिसे हम सांस, भोजन, विचारों और क्रियाओं के माध्यम से उपयोग में लाते हैं। यह ऊर्जा कुंडलिनी ऊर्जा से अलग है। कुंडलिनी ऊर्जा वह दिव्य शक्ति है जो मूलाधार चक्र में सुप्त अवस्था में रहती है। जब साधक ध्यान, प्राणायाम या मंत्र साधना करता है, तब यह शक्ति जाग्रत होकर ऊपर की ओर चक्रों को भेदती है। कुंडलिनी ऊर्जा बहुत ही विशिष्ट, जाग्रत और परिवर्तनकारी शक्ति होती है।
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