Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

Muje dehaan mein face mein itching hoti hai kuch time baad .. iska kya karan hai ? Please iska upaye bhi bataye?

 Muje dehaan mein face mein itching hoti hai kuch time baad .. iska kya karan hai ? Please iska upaye bhi bataye?


ध्यान (meditation) करते समय चेहरे में खुजली (itching) होना आम बात है। इसका कारण अक्सर ऊर्जा (prana) का संचरण, रक्त प्रवाह बढ़ना, या मन की हलचल होती है। जैसे-जैसे मन शांत होता है, शरीर में संवेदनाएँ उभरती हैं। कभी-कभी त्वचा में सूखापन या एलर्जी भी कारण हो सकता है।

उपाय:

  • ध्यान से पहले चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धोकर मॉइस्चराइज़ करें।

  • नाक से गहरी, सहज श्वास लें और खुजली पर ध्यान दिए बिना उसे स्वाभाविक रूप से जाने दें।

  • धीरे-धीरे ये समस्या अपने आप कम हो जाएगी।

  • अगर खुजली बहुत अधिक हो, तो किसी प्राकृतिक एलोवेरा जेल का प्रयोग करें।


Comments

Popular posts from this blog

guru jee kuch dino pahle tk third eye me Blue colour ki screen dikhai deti thi pr ab kabhi kabhi green.........

परमात्मा क्यों भेजता है आत्मा को संसार में?

मैं जब दीये को एक मिनट व देखु फिर आँखे बंद करू तो दिए की ज्योति मुझें आज्ञा चक्र पर दिखाई देती है.....