Naad ko drasta bhav se sune ya sadharan tarike se

 नाद को द्रष्टा भाव से सुनना ही बेहतर माना जाता है। इसका अर्थ है कि आप नाद को सुनने की कोशिश या उसमें हस्तक्षेप न करें, बल्कि शांत होकर केवल साक्षी बनकर उसे सुनें। ध्यान को नाद पर टिकाएँ, लेकिन यह अपेक्षा न रखें कि कोई विशेष ध्वनि अवश्य सुनाई दे। नाद तेज हो, धीमा हो, बदलता रहे या कुछ समय के लिए बंद हो जाए—हर स्थिति में केवल साक्षी बने रहें। उसे पकड़ने, बढ़ाने या उसका अर्थ निकालने की कोशिश न करें। धीरे-धीरे मन की चंचलता कम होने पर सूक्ष्म ध्वनि अधिक स्पष्ट अनुभव हो सकती है। यही द्रष्टा भाव की साधना है।

मेरे मित्र की wife ko sapne me मेरा मित्र उसे Bhagwan शिव k रूप m दिखा कृपा बताए ऐसा क्यूँ दिखा इसका मतलब क्या है ?

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आपके मित्र की पत्नी को सपने में अपने पति भगवान शिव के रूप में दिखाई देना एक आध्यात्मिक संकेत हो सकता है। यह सपना इस बात की ओर इशारा करता है कि वह अपने पति में दैवीय गुणों, सुरक्षा, शक्ति और श्रद्धा का अनुभव करती हैं। कई बार ऐसा सपना यह भी दर्शाता है कि पति-पत्नी का रिश्ता केवल सांसारिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी जुड़ा हुआ है। भगवान शिव आदर्श पति माने जाते हैं, इसलिए यह सपना उनकी भक्ति, आस्था या आध्यात्मिक प्रगति का भी संकेत हो सकता है।

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